Skip to main content
बवासीर बनाम फिशर बनाम फिस्टुला
Internal Medicine

बवासीर बनाम फिशर बनाम फिस्टुला - अंतर लक्षण कारण इलाज और बचाव के उपाय

admin Sep 18, 2026

गुदा के आसपास दर्द, खुजली, सूजन या मल त्याग के दौरान खून आने जैसी समस्याओं को लोग अक्सर बवासीर (Piles), फिशर (Anal Fissure) या फिस्टुला (Anal Fistula) समझ लेते हैं। हालांकि इन तीनों स्थितियों के लक्षण कुछ हद तक एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इनके कारण, लक्षण, गंभीरता और उपचार अलग-अलग होते हैं।

सही समस्या की पहचान करना इसलिए जरूरी है क्योंकि जहां शुरुआती बवासीर और कुछ फिशर में दवाओं और जीवनशैली में बदलाव से राहत मिल सकती है, वहीं कई मामलों में फिस्टुला के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

इस लेख में आसान भाषा में समझें कि बवासीर, फिशर और फिस्टुला में क्या अंतर है, इनके प्रमुख लक्षण क्या हैं, कौन-सी समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है, इलाज के विकल्प क्या हैं और इनसे बचने के लिए किन आदतों में बदलाव करना चाहिए।

बवासीर, फिशर और फिस्टुला में क्या अंतर है?

समस्या

क्या होता है?

सामान्य लक्षण

आम उपचार

बवासीर (Piles)

गुदा या मलाशय की नसों में सूजन

मल के साथ चमकीला लाल खून, खुजली, गांठ

फाइबर, दवाएं, जरूरत पड़ने पर प्रक्रिया/सर्जरी

फिशर (Anal Fissure)

गुदा की त्वचा में छोटी दरार या कट

मल त्याग के दौरान तेज दर्द और खून

फाइबर, पानी, दवाएं, कुछ मामलों में सर्जरी

फिस्टुला (Anal Fistula)

गुदा के अंदर और आसपास की त्वचा के बीच असामान्य मार्ग

लगातार दर्द, सूजन, पस या स्राव

अक्सर सर्जिकल उपचार

महत्वपूर्ण: केवल लक्षणों के आधार पर स्वयं निदान न करें। लगातार दर्द, रक्तस्राव या गुदा के आसपास गांठ/स्राव होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

बवासीर (Piles) क्या है?

बवासीर को Hemorrhoids भी कहा जाता है। इसमें गुदा या निचले मलाशय की रक्त वाहिकाओं और आसपास के ऊतकों में सूजन आ जाती है।

बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:

इंटरनल बवासीर (Internal Hemorrhoids)

यह मलाशय के अंदर विकसित होती है और अक्सर मल त्याग के दौरान चमकीले लाल रक्तस्राव का कारण बन सकती है।

एक्सटर्नल बवासीर (External Hemorrhoids)

यह गुदा के आसपास विकसित होती है और इसमें दर्द, सूजन, खुजली या गांठ महसूस हो सकती है।

बवासीर के प्रमुख लक्षण

  • मल त्याग के दौरान या बाद में चमकीला लाल खून आना
  • गुदा के आसपास खुजली
  • दर्द या असहजता
  • गुदा के पास गांठ
  • मल त्याग के बाद भी पेट साफ न होने जैसा महसूस होना
  • गंभीर मामलों में सूजन और तेज दर्द

बवासीर के कारण और जोखिम कारक

बवासीर का खतरा बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं:

  • लंबे समय तक कब्ज रहना
  • मल त्याग के दौरान अधिक जोर लगाना
  • लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठना
  • कम फाइबर वाला भोजन
  • गर्भावस्था
  • अधिक वजन
  • लंबे समय तक बैठे रहना
  • भारी वजन उठाना
  • उम्र बढ़ना

एनल फिशर (Anal Fissure) क्या है?

एनल फिशर गुदा की अंदरूनी त्वचा में होने वाली छोटी दरार या कट है। यह अक्सर कठोर या बड़े मल के कारण होता है।

फिशर में मल त्याग के समय तेज दर्द होना इसका सबसे प्रमुख लक्षण है। दर्द कई बार मल त्याग के बाद भी कुछ समय तक बना रह सकता है।

एनल फिशर के प्रमुख लक्षण

  • मल त्याग के दौरान तेज या चुभने वाला दर्द
  • मल त्याग के बाद भी जलन या दर्द
  • टॉयलेट पेपर पर चमकीला लाल खून
  • गुदा के आसपास खुजली
  • गुदा में ऐंठन
  • मल त्याग करने में डर या झिझक

एनल फिशर के कारण और जोखिम कारक

कब्ज और कठोर मल

कठोर मल गुदा की त्वचा पर दबाव डालकर दरार पैदा कर सकता है।

बार-बार दस्त

लगातार दस्त होने से भी गुदा के आसपास की त्वचा में जलन और चोट हो सकती है।

प्रसव

कुछ महिलाओं में प्रसव के बाद एनल फिशर विकसित हो सकता है।

अन्य चिकित्सीय कारण

बार-बार होने वाले फिशर कभी-कभी अन्य आंत संबंधी या सूजन संबंधी बीमारियों से भी जुड़े हो सकते हैं।

एनल फिस्टुला (Anal Fistula) क्या है?

एनल फिस्टुला गुदा के अंदर और गुदा के आसपास की त्वचा के बीच बनने वाला असामान्य मार्ग (Abnormal Tunnel) है।

यह अक्सर गुदा के आसपास हुए एब्सेस (Abscess) यानी पस से भरे संक्रमण के बाद विकसित हो सकता है।

फिस्टुला में केवल घरेलू उपायों से समस्या पूरी तरह ठीक होना आमतौर पर संभव नहीं होता और कई मरीजों को सर्जिकल उपचार की आवश्यकता पड़ती है।

एनल फिस्टुला के प्रमुख लक्षण

  • गुदा के पास लगातार या बार-बार दर्द
  • गुदा के आसपास सूजन
  • त्वचा पर छोटा छेद
  • पस या बदबूदार स्राव
  • बार-बार एब्सेस होना
  • त्वचा में जलन या खुजली
  • कभी-कभी बुखार

बवासीर, फिशर और फिस्टुला में मुख्य अंतर

दर्द के आधार पर अंतर

  • फिशर: मल त्याग के दौरान तेज और कटने जैसा दर्द आम है।

  • फिस्टुला: लगातार या बार-बार होने वाला दर्द और सूजन हो सकती है।

  • बवासीर: खासकर इंटरनल बवासीर में दर्द कम और रक्तस्राव अधिक प्रमुख हो सकता है, जबकि बाहरी बवासीर में दर्द हो सकता है।

रक्तस्राव के आधार पर अंतर

बवासीर और फिशर दोनों में चमकीला लाल खून दिखाई दे सकता है। इसलिए केवल रक्तस्राव के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि समस्या कौन-सी है।

पस या स्राव के आधार पर अंतर

गुदा के आसपास पस या लगातार स्राव फिस्टुला या संक्रमण की ओर संकेत कर सकता है और इसे डॉक्टर से तुरंत जांच कराने की जरूरत होती है।

बवासीर, फिशर और फिस्टुला का निदान कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों के आधार पर जांच शुरू करते हैं।

शारीरिक जांच

गुदा और आसपास के क्षेत्र की जांच करके सूजन, गांठ, दरार या फिस्टुला के बाहरी छेद की पहचान की जा सकती है।

डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन

कुछ मामलों में डॉक्टर दस्ताने पहनकर मलाशय की अंदरूनी जांच कर सकते हैं। तेज दर्द या गंभीर फिशर की स्थिति में यह जांच सावधानी से की जाती है।

एनोस्कोपी

गुदा और निचले मलाशय की अंदरूनी सतह देखने के लिए एनोस्कोप का उपयोग किया जा सकता है।

फिस्टुला के लिए इमेजिंग

जटिल या गहरे फिस्टुला में MRI pelvis या अन्य इमेजिंग जांच की आवश्यकता हो सकती है।

बवासीर का इलाज कैसे किया जाता है?

हल्की बवासीर में जीवनशैली में बदलाव और दवाओं से राहत मिल सकती है।

फाइबर और पर्याप्त पानी

फाइबर युक्त भोजन और पर्याप्त तरल पदार्थ मल को नरम रखने में मदद कर सकते हैं।

दवाएं

डॉक्टर लक्षणों के अनुसार दर्द, खुजली या सूजन कम करने वाली दवाएं या स्थानीय उपचार सुझा सकते हैं।

मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाएं

यदि बवासीर बार-बार होती है या दवाओं से राहत नहीं मिलती, तो डॉक्टर Rubber Band Ligation जैसी प्रक्रियाओं पर विचार कर सकते हैं।

सर्जरी

बड़ी या गंभीर बवासीर में सर्जिकल उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

एनल फिशर का इलाज कैसे किया जाता है?

कब्ज को नियंत्रित करना

फाइबर, पानी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार मल को नरम करने वाली दवाएं मदद कर सकती हैं।

Sitz Bath

गुनगुने पानी में कुछ समय बैठना दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन से राहत देने में मदद कर सकता है।

प्रिस्क्रिप्शन दवाएं

डॉक्टर ऐसी दवाएं लिख सकते हैं जो गुदा की मांसपेशियों को आराम देने और घाव भरने में मदद करती हैं।

बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन

कुछ मामलों में डॉक्टर इसका उपयोग कर सकते हैं, खासकर जब फिशर लंबे समय से बना हुआ हो।

सर्जरी

पुराने या उपचार से ठीक न होने वाले फिशर में Lateral Internal Sphincterotomy (LIS) जैसी सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।

एनल फिस्टुला का इलाज कैसे किया जाता है?

फिस्टुला का उपचार उसकी स्थिति, गहराई और आसपास की मांसपेशियों के संबंध पर निर्भर करता है।

फिस्टुलोटॉमी

उपयुक्त मामलों में फिस्टुला ट्रैक को खोलकर उसे ठीक होने दिया जाता है।

Seton Placement

कुछ जटिल फिस्टुला में सेटोन लगाया जा सकता है ताकि संक्रमण और ड्रेनेज को नियंत्रित किया जा सके।

उन्नत सर्जिकल विकल्प

जटिल मामलों में मरीज की स्थिति के अनुसार अन्य प्रक्रियाओं पर भी विचार किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण: फिस्टुला के लिए सही उपचार का निर्णय कोलोरेक्टल या जनरल सर्जन की जांच के बाद किया जाना चाहिए।

Lifestyle Tips: बवासीर, फिशर और फिस्टुला से बचने के उपाय

फाइबर युक्त भोजन लें

अपने भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें।

पर्याप्त पानी पिएं

पर्याप्त तरल पदार्थ मल को नरम रखने में मदद कर सकते हैं।

टॉयलेट में ज्यादा देर न बैठें

टॉयलेट पर मोबाइल लेकर लंबे समय तक बैठने की आदत से बचें।

मल त्याग की इच्छा को न रोकें

जरूरत महसूस होने पर टॉयलेट जाएं और अनावश्यक रूप से मल त्याग को न रोकें।

नियमित शारीरिक गतिविधि करें

नियमित चलना या व्यायाम कब्ज को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

वजन स्वस्थ सीमा में रखें

अधिक वजन कुछ लोगों में बवासीर के जोखिम को बढ़ा सकता है।

घर पर क्या करें और क्या न करें?

क्या करें?

  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं।
  • कब्ज का समय पर इलाज कराएं।
  • जरूरत पड़ने पर गुनगुने पानी की Sitz Bath लें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें।

क्या न करें?

  • मल त्याग के दौरान अत्यधिक जोर न लगाएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक क्रीम या दवाएं न लगाएं।
  • गुदा के आसपास की त्वचा को जोर से न रगड़ें।
  • लगातार रक्तस्राव को नजरअंदाज न करें।
  • फिस्टुला या एब्सेस को स्वयं दबाने या फोड़ने की कोशिश न करें।

बवासीर, फिशर या फिस्टुला में डॉक्टर से कब मिलें?

यदि निम्न में से कोई लक्षण हो, तो डॉक्टर से परामर्श लें:

  • बार-बार या अधिक मात्रा में गुदा से खून आना
  • बहुत तेज या लगातार दर्द
  • गुदा के आसपास गांठ या सूजन
  • पस या बदबूदार स्राव
  • बुखार के साथ गुदा में दर्द
  • बार-बार एब्सेस होना
  • बिना कारण वजन कम होना
  • मल त्याग की आदत में लगातार बदलाव

खास तौर पर गुदा से रक्तस्राव को हमेशा केवल बवासीर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अन्य आंत संबंधी समस्याओं में भी रक्तस्राव हो सकता है।

बवासीर, फिशर और फिस्टुला के लिए Medical Treatment Options

स्थिति के आधार पर डॉक्टर निम्न उपचार सुझा सकते हैं:

  • आहार और जीवनशैली में बदलाव
  • फाइबर सप्लीमेंट या मल को नरम करने वाली दवाएं
  • दर्द और सूजन नियंत्रित करने वाली दवाएं
  • बवासीर के लिए Rubber Band Ligation
  • अन्य minimally invasive procedures
  • फिशर के लिए प्रिस्क्रिप्शन क्रीम या इंजेक्शन
  • Chronic fissure के लिए Lateral Internal Sphincterotomy
  • फिस्टुला के लिए Fistulotomy
  • Seton placement
  • जटिल फिस्टुला के लिए अन्य सर्जिकल विकल्प

उपचार का चुनाव समस्या की गंभीरता, स्थान, अवधि और मरीज की समग्र स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर किया जाता है।

संभावित जटिलताएं

यदि इन समस्याओं का लंबे समय तक इलाज न कराया जाए, तो कुछ मामलों में जटिलताएं हो सकती हैं।

बवासीर की जटिलताएं

  • बार-बार रक्तस्राव
  • एनीमिया, विशेषकर लंबे समय तक रक्तस्राव होने पर
  • थ्रोम्बोस्ड बाहरी बवासीर

फिशर की जटिलताएं

  • Chronic anal fissure
  • बार-बार दर्द
  • घाव का लंबे समय तक न भरना

फिस्टुला की जटिलताएं

  • बार-बार संक्रमण
  • एब्सेस
  • लगातार पस या स्राव
  • आसपास के ऊतकों को नुकसान

निष्कर्ष

बवासीर, फिशर और फिस्टुला तीन अलग-अलग समस्याएं हैं, भले ही इनके कुछ लक्षण एक जैसे दिखाई दें। बवासीर में रक्तस्राव और सूजन प्रमुख हो सकती है, फिशर में मल त्याग के दौरान तेज दर्द और दरार आम है, जबकि फिस्टुला में गुदा के आसपास बार-बार संक्रमण, पस या स्राव देखा जा सकता है।

सही समय पर डॉक्टर से जांच कराने से समस्या का सटीक कारण पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है। अगर गुदा से लगातार खून आ रहा है, तेज दर्द है, पस निकल रही है या बार-बार सूजन हो रही है, तो शर्म या झिझक के कारण इलाज में देरी न करें। समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रिकवरी और जटिलताओं से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Categories

Clear all

Related Blogs

View all
Enjoy A Healthy Monsoon
Internal Medicine

Enjoy A Healthy Monsoon

Dr. J. M. S. Kalra Jan 23, 2024
Zoonosis In Modern Medicine
Internal Medicine

Zoonosis In Modern Medicine

admin Jan 02, 2024
Is Paracetamol A Cure To All Kind of Fevers?
Internal Medicine

Is Paracetamol A Cure To All Kind of Fevers?

admin Apr 29, 2024
Public Advisory On Dengue And Chikungunya
Internal Medicine

Public Advisory On Dengue And Chikungunya

admin Nov 07, 2023
Case of Guillain Barre (Gb) Syndrome
Internal Medicine

Case of Guillain Barre (Gb) Syndrome

Dr. Paritosh Baghel Jul 18, 2023
Tips To Avoid Lifestyle Diseases
Internal Medicine

Tips To Avoid Lifestyle Diseases

Dr. Raman Abhi Sep 25, 2014
Don?T Ignore Elevated Body Temperature
Internal Medicine

Don?T Ignore Elevated Body Temperature

Dr. Mugdha Tapdiya Oct 31, 2023
Tackling Jaundice
Internal Medicine

Tackling Jaundice

Dr. Damanjit Singh Chadha Jul 11, 2014
Have A Healthy Monsoon!
Internal Medicine

Have A Healthy Monsoon!

admin Oct 31, 2023
blog
Internal Medicine

Stay Healthy

Dr. Rajinder Yadav Jun 16, 2014

FAQs

  • बवासीर और फिशर में क्या अंतर है?

    बवासीर में गुदा की रक्त वाहिकाओं और आसपास के ऊतकों में सूजन होती है, जबकि फिशर में गुदा की त्वचा में दरार या कट बन जाता है। फिशर में मल त्याग के दौरान तेज दर्द आम है।

  • फिशर और फिस्टुला में क्या अंतर है?

    फिशर गुदा की त्वचा में एक दरार है, जबकि फिस्टुला गुदा के अंदर और आसपास की त्वचा के बीच बनने वाला असामान्य मार्ग है। फिस्टुला में पस या लगातार स्राव हो सकता है।

  • बवासीर में खून क्यों आता है?

    बवासीर में सूजी हुई रक्त वाहिकाओं से मल त्याग के दौरान रक्तस्राव हो सकता है। आमतौर पर खून चमकीले लाल रंग का होता है, लेकिन किसी भी लगातार रक्तस्राव की चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

  • क्या फिस्टुला बिना सर्जरी के ठीक हो सकता है?

    अधिकांश स्थापित एनल फिस्टुला अपने आप पूरी तरह ठीक नहीं होते और कई मामलों में सर्जिकल उपचार की आवश्यकता होती है। सही प्रक्रिया फिस्टुला के प्रकार और स्थिति पर निर्भर करती है।

  • बवासीर, फिशर और फिस्टुला में सबसे गंभीर कौन-सा है?

    इनकी गंभीरता व्यक्ति और बीमारी की स्थिति पर निर्भर करती है। फिस्टुला में संक्रमण और एब्सेस का जोखिम हो सकता है, जबकि लंबे समय तक रक्तस्राव या अन्य असामान्य लक्षणों की भी जांच जरूरी है।

  • क्या गुदा से खून आने पर हमेशा बवासीर होती है?

    नहीं। गुदा से रक्तस्राव के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए बार-बार या अस्पष्ट रक्तस्राव होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

barqut

Keep track of your appointments, get updates & more!

app-store google-play
Request callback International Request callback Get an Estimate